पटना। सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि संविदा नियोजित कर्मियों को पहले से मिल रही किसी सुविधा में कोई कटौती नहीं की गई है। इस सबंध में विभाग ने संकल्प ज्ञापांक 1003 दिनांक 22.01.2021 को जारी किया है। इसमें कहा गया है कि पहले से संविदा पर कार्यरत कर्मियों के साथ भविष्य में नियोजित कर्मियों को कई अतिरिक्त और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग का कहना है कि इस संदर्भ में विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित खबर तथ्यपरक नहीं हैं। ऐसी स्थिति में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। संविदा नियोजित कर्मियों की सेवा शर्त के लिए राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अशोक कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमिटी गठित की थी। कमिटी की अनुशंसाओं को सामान्य प्रशासन विभाग ने संकल्प ज्ञापांक 12534 दिनांक 17.09.2018 को जारी किया था।
संकल्प ज्ञापांक में कहा गया है कि नियमित नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में संविदा नियोजित कर्मियों की सेवानिवृत्ति तक नियोजन बरकरार रहेगी। साथ ही विभिन्न प्रकार के अवकाश, प्रत्येक वर्ष मानदेय का पुनरीक्षण, अनुग्रह अनुदान, सेवा अभिलेख का संधारण, यात्रा व्यय, अपील का प्रावधान, कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, कार्य का वार्षिक मूल्यांकन एवं नियमित नियुक्ति में अधिमानता आदि की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार के अधीन संविदा नियोजन का प्रावधान कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के संकल्प ज्ञापांक 2401 दिनांक 18.07.2007 से संसूचित था। उक्त संकल्प में मात्र एक वर्ष के लिए संविदा नियोजन का प्रावधान था। कर्मियों के लिए अन्य कोई सुविधाएं नहीं थीं।