पटना। बिहार के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ प्रभात कुमार का निधन हैदराबाद के किम्स हाॅस्पिटल में मंगलवार को हो गया। कोरोना की वजह से उनका फेफड़ा काफी संक्रमित हो गया था। विशेष इलाज के लिए एक सप्ताह पहले उन्हें पटना से एयर एंबुलेंस से हैदराबाद भेजा गया था। वर्तमान में वे पटना स्थित मेडिका हार्ट इंस्टीट्यूट के मेडिकल डायरेक्टर थे। उनके निधन पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे, बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद समेत कई चिकित्सकों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डॉ प्रभात के निधन से चिकित्सा जगत में रिक्तता आ गई है। उनसे व्यक्तिगत परिवारिक संबंध था। 25 साल से मेरे परिवार को चिकित्सीय परामर्श दे रहे थे। कोरोना से पीड़ित होने की सूचना के बाद लगातार उनके परिवार के संपर्क में था।

हैदराबाद के किम्स अस्पताल में आज 4ः40 बजे हृदय गति रुक जाने से उन्होंने अंतिम सांस ली। सुबह ही उनकी सेहत की जानकारी डॉ श्रीनिवासन रवि पाती से ली थी। उन्होंने बताया था कि रात से ही बीपी एबनाॅर्मल था। आज मल्टी आर्गन फेल्योर होने के बाद उन्हें डॉक्टरों के अथक प्रयास के बाद भी रिवाइव नही किया जा सका। एक समय था जब ख्याति प्राप्त कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एके ठाकुर के जूनियर के रूप में डाॅ प्रभात काम करते थे। चिकित्सा के क्षेत्र में बिहार का उन्होंने नाम रोशन किया।