पटना। देश में एक राष्ट्र, एक बिजली दर की नीति लागू करने की मांग बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने की है। चैंबर का कहना है कि देश के विभिन्न राज्यों में बिजली की दरों में समानता नहीं होने के कारण एक ही सामान की लागत में विभिन्नता आ जाती है। जिन उत्पादकों के सामान की लागत कम होती है, वह कम कीमत पर सामान बेच देते हैं और जिनकी लागत अधिक होती है, उनका सामान गोदाम में पड़ा रहता है। इससे उनकी बड़ी पूंजी फंस जाती है। इस कारण उद्यमियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अध्यक्ष पी.के. अग्रवाल ने बताया कि बिजली की दरों में असमानता का प्रतिकूल प्रभाव राज्य के औद्योगिकरण पर भी पड़ रहा है। नए निवेशक जिस राज्य में बिजली की दर कम होती है, वहां उद्योग लगाना पसंद करते हैं।
विभिन्न राज्यों में बिजली की दर एक समान नहीं होने से व्यवसायियों के साथ आम उपभोक्ता भी प्रभावित हो रहे हैं। एक राष्ट्र, एक बिजली दर की नीति लागू होने से देश के उद्यमी एवं व्यवसायी के लाभान्वित होने के साथ सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। चैंबर ने एक राष्ट्र, एक बिजली दर की नीति को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री, बिहार के मुख्यमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री एवं केंद्रीय बिजली राज्य मंत्री से अनुरोध किया है।