नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बठिंडा यात्रा के दौरान सुरक्षा मेें बड़ी चूक हुई है। गृह मंत्रालय ने इस गंभीर सुरक्षा चूक पर पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राज्य सरकार को इस चूक की जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है।
सुरक्षा चूक के बाद प्रधानमंत्री को हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक में अपने कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने बीच रास्ते से ही बठिंडा एयरपोर्ट वापस लौटने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री बुधवार की सुबह बठिंडा पहुंचे। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था। मौसम खराब होने के कारण निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाएंगे। दो घंटे से अधिक की यात्रा थी। पंजाब के डीजीपी के आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों की पुष्टि के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से रवाना हुए।
राष्ट्रीय शहीद स्मारक से करीब 30 किलोमीटर पहले जब प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुंचा, तो जानकारी मिली कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। प्रधानमंत्री 15-20 मिनट तक फ्लाईओवर पर फंसे रहे। यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक थी।

गृहमंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और यात्रा की योजना पंजाब सरकार को पहले ही दे दी गई थी। प्रक्रिया के अनुसार राज्य सरकार को लॉजिस्टिक्स एवं सुरक्षा के साथ आकस्मिक योजना को तैयार रखते हुए आवश्यक व्यवस्था करनी होती है। आकस्मिक योजना को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार को सड़क मार्ग से किसी भी यात्रा को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा तैनात करनी चाहिए थी। इसकी अनदेखी की गई है।