पटना। बिहार में राम-जानकी मार्ग की लंबाई 241 किलोमीटर है। इस खंड में चार लेन के विकास की लागत 5000 करोड़ रुपए होगी। राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के एक प्रश्न के जवाब में केंद्रीय सड़क,परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में पिछले दिनों यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि राम-जानकी मार्ग उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित मेहरौना से शुरू होकर सीवान-मसरख-चकिया-सीतामढ़ी-भिट्टामोड़ से गुजरता है और जनकपुर में समाप्त होता है। 241 किलोमीटर की लंबाई में चार लेन के लिए 90 किलोमीटर लंबाई का डीपीआर एवं 32 किलोमीटर के लिए दो लेन और पेभ्ड सोल्डर का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा 61 किलोमीटर दो लेन और पेभ्ड सोल्डर निर्माणाधीन है एवं 58 किलोमीटर दो लेन डीएलपी के तहत है।
इस मार्ग के महत्व को देखते हुए एवं पर्यटन तथा यातायात की संभावित क्षमता, जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्र को मिलने वाले लाभ को देखते हुए अब केंद्र सरकार ने संपूर्ण 241 किलोमीटर राम- जानकी मार्ग को चार लेन में बदलने का निर्णय लिया है। इसके लिए डीपीआर सलाहकार की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है।
मंत्री ने यह भी बताया कि मेहरौना घाट-सीवान-मसरख सेक्शन तक चार लेन के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाधीन है और शेष खंड के लिए डीपीआर सलाहकार की नियुक्ति के बाद यानी दो-तीन माह बाद शुरू होगा।