पटना। राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने मुंबई में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्ति कांत दास से मुलाकात की। उन्होंने गवर्नर को बताया कि नए बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 2020 के कारण बिहार के जिला एवं राज्य को-ऑपरेटिव बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के गठन में संशय की स्थिति हो गई है।
बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 2020 के अंतर्गत जिला एवं राज्यस्तरीय सहकारिता बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में 51 प्रतिशत प्रोफेशनल रखने का प्रावधान है। बिहार सहकारिता अधिनियम के अंतर्गत पैक्स अध्यक्ष जिला सहकारिता बैंक के डायरेक्टर का चुनाव करते हैं और जिला बैंक के अध्यक्ष राज्य सहकारिता बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का चुनाव करते हैं।
सुशील मोदी ने आरबीआई गवर्नर शक्ति कांत दास को बताया कि उपरोक्त दोनों अधिनियमों में विरोधाभास के कारण बिहार में 51 प्रतिशत प्रोफेशनल को बोर्ड में रखा जाना संभव नहीं है। नाबार्ड आरबीआई के सर्कुलर का हवाला देकर बैंकों के बोर्ड का पुनर्गठन करने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने गवर्नर से हस्तक्षेप कर समस्या के समाधान का आग्रह किया है।