पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुशील कुमार मोदी का कहना है कि 2008 में नौकरी के बदले जमीन लिखवाने का मामला आरजेडी के वर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी और जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने उठाया था। दोनों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन देकर लालू प्रसाद के विरुद्ध जांच की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी का परिवार आज 141 कीमती भूखंड, 30 फ्लैट और दर्जनों भवनों का मालिक है। गरीब परिवार से आने वाले लालू प्रसाद बताएं कि इतनी संपत्ति कहां से आई।
लालू प्रसाद ने अमीर बनने के लिए तरीका अपनाया तुम मुझे अपनी जमीन दो, मैं तुम्हें नौकरी दूंगा। इस तरह उन्होंने जायदाद बनाने के लिए सत्ता और मंत्रीपद का खुल कर दुरुपयोग किया। अवैध तरीके से संपत्ति बनाने के पुख्ता दस्तावेज के आधार पर सीबीआई अपना काम कर रही है।
मोदी ने कहा कि ललन चौधरी विधान परिषद में और हृदयानंद चौधरी रेलवे में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी हैं। पहले नौकरी के लाभार्थी से इन दोनों ने अपने नाम जमीन रजिस्ट्री करवा ली और बाद में करोड़ों की संपत्ति राबड़ी देवी और हेमा यादव को गिफ्ट कर दी।

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री कार्यकाल (2004-09) में रेलवे भर्ती बोर्ड के जरिए विभिन्न पदों पर चयन में गड़बड़ी हुई थी। नौकरी के बदले अभ्यर्थियों से जमीन लेने का आरोप है। इसी मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद और उनके परिवार के 16 ठिकानों पर 20 मई, 2022 को छापेमारी की। लालू प्रसाद, पत्नी राबड़ी देवी, दो बेटियों समेत 15 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।