पटना। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) बिहार इकाई ने पूरे राज्य में जीएसटी काउंसिल के निर्णयों का सड़क पर उतर कर विरोध किया है। कैट का कहना है कि काउंसिल के लिए गए निर्णयों से महंगाई और बढ़ेगी।
संयुक्त महासचिव आरसी मल्होत्रा ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने पांच वर्षों में सैकड़ों बार संशोधन किया है। व्यापारी से किसी तरह की गलती होने पर तुरंत पेनाल्टी का प्रावधान है। 18 जुलाई से कई सामान महंगे हो गए हैं। जीएसटी उन उत्पादों पर लग रहा है, जिनकी आपूर्ति पैकेटबंद सामान के रूप में की जा रही है। पैकेटबंद सामान का वजन 25 किलोग्राम से कम होना चाहिए।

अध्यक्ष अशोेक वर्मा का कहना है कि हाल में सरकार ने कई वस्तुओं की टैक्स दरों में बदलाव किया है। पांच हजार से अधिक किराए वाले अस्पताल के कमरों के लिए पांच फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होगा। इसके अलावा आटा, पनीर और दही जैसे पैक्ड, लेबल वाले फूड आइटम पर भी पांच प्रतिशत जीएसटी देना होगा।
25 किलोग्राम से कम वजन के पैक पर पांच प्रतिशत जीएसटी लागू हो गया है। एक हजार रुपए प्रति दिन तक के टैरिफ वाले होटल के कमरे, मैप और चार्ट पेपर पर 12 प्रतिशत एवं टेट्रा पैक पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। बैंक से जारी चेक बुक पर भी टैक्स लगेगा। ऐसी स्थिति में आम आदमी महंगाई के बोझ से दब जाएगा।