नई दिल्ली। गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर सख्ती से रोक का निर्देश उपभोक्ता कार्य विभाग ने दिया है। विभाग का कहना है कि म्यूजिक सीडी, क्लब सोडा और पैकेज ड्रिंकिंग वाटर की आड़ में कई मादक स्पिरिट और पेय पदार्थों का विज्ञापन किया जा रहा है।
सौंफ और इलायची की आड़ में तंबाकू और गुटखा का विज्ञापन हो रहा है। इसके अलावा ऐसे कई ब्रांड प्रमुख हस्तियों को रोजगार दे रहे हैं, जो युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मादक पेय पदार्थों के प्रत्यक्ष विज्ञापन के कई उदाहरण भी देखे गए हैं। निर्देश में कहा गया है कि कोई भी सरोगेट या अप्रत्यक्ष विज्ञापन उन वस्तु या सेवाओं के लिए नहीं बनाया जाएगा, जिनका विज्ञापन कानून से प्रतिबंधित है।
विभाग ने रोकथाम के लिए एडवर्टाइजिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन, ब्रॉडकास्टिंग कंटेंट कंप्लेंट्स काउंसिल, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन, एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री, एसोचैम, इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इंडियन सोसाइटी ऑफ एडवर्टाइजर्स को निर्देश जारी किया है।