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बीएसएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज अलोकतांत्रिक

पटना। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के अभ्यर्थियों पर पटना में हुए लाठीचार्ज को पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने अलोकतांत्रिक व निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार अभ्यर्थियों की वाजिब मांग सुनने के बजाय लाठी चलवा कर उनका दमन करना चाहती है।

बीएसएससी की 23 और 24 दिसंबर, 2022 को हुई तीन पालियों में दो के पर्चे लीक हुए, तो एक ही पर्चा क्यों रद्द किया गया? हर प्रतियोगी परीक्षा में करोड़ों की वसूली होती है। भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से हर परीक्षा संदेह के घेरे में आ जाती है। ऐसे में सरकार को अभ्यर्थियों की मांगें मानकर पूरी परीक्षा को रद्द कर देना चाहिए।

तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि दस लाख बेरोजगारों को नौकरी देने का झांसा देने वाली सरकार प्रदेश के युवाओं का दमन कर अपना चेहरा बचा रही है। नकल माफिया और हर परीक्षा में सेटिंग कराने वाले दलालों को संरक्षण मिला हुआ है। इस कारण बिहार में बीपीएससी से लेकर बीएसएससी तक के पर्चे लीक होते हैं और सरकार कार्रवाई के नाम पर मामले की लीपापोती कर देती है।

 

 


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