पटना। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने 2023-24 बजट को विकास को गति देनेवाला बजट के रूप में देखा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने कहा कि इसमें आधारभूत संरचना सहित सात क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। विकास के सप्तऋषि मॉडल की रूपरेखा खींची गई है।
आधारभूत संरचना को विकसित करने पर विशेष बल है। कैपिटल आउटले बढ़ाने के लिए कैपेक्स फंड में 33 प्रतिशत की वृद्धि कर दस लाख करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। एसोसिएशन ने कहा कि यदि बिहार राज्य के परिपेक्ष्य में देखें तो थोड़ी निराशा दिखती है। हमें काफी उम्मीद थी कि बिहार को पिछड़ेपन से ऊपर उठाने के लिए विशेष घोषणा बजट में की जाएगी।
कर्नाटक को सूखाग्रस्त राज्य घोषित करते हुए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई है। देश की आबादी का लगभग दस प्रतिशत जनसंख्या वाले बिहार को जब तक हम आगे नही बढ़ाएंगे, देश विकसित नहीं होगा। बिहार के विकास को राष्ट्रीय औसत के बराबर करने के लिए बीआईए की अपेक्षा इस बजट से थी।