पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बिहार बजट 2023-24 पर कहा है कि सरकार अब विकास से विमुख हो गई है। बजट घोषणाओं से साफ है कि सरकार के साथी बदलने के साथ ही उसका एजेंडा भी बदल चुका है।
2.61 लाख करोड़ के बजट प्रस्ताव में योजनाओं पर मात्र 38.20 प्रतिशत यानी एक लाख करोड़ राशि खर्च करने का अनुमान किया गया है। इससे स्पष्ट है कि विकास सरकार की प्राथमिकता में नहीं है।
तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि बजट पूरी तरह से दिशाहीन और डपोरशंखी घोषणाओं से भरा हुआ है। बजट में प्रदेश के युवाओं के साथ महिला, गांव, गरीब और बेरोजगारों की घोर उपेक्षा की गई है।
किसान एवं श्रमिकों के लिए एक भी ऐसा प्रभावकारी कदम नहीं दिख रहा है, जिससे उनकी जिंदगी को बेहतर बनाने की उम्मीद जगे। सरकार पूरी तरह से केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी और कर्ज से उगाही जाने वाली राशि पर निर्भर है।