पटना। 2000 के नोट को वापस लेने पर आरजेडी प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि इसके पीछे बड़ी संख्या में दबा कर रखे गए ब्लैक मनी को व्हाइट करने की मंशा हो सकती है। लंबे समय से 2000 के नोट काफी कम संख्या में दिख रहे हैं। आखिर 2000 रुपये के नोट कहां गायब हो गये।
आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि रिजर्व बैंक के इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि सरकार का 2016 में नोटबंदी का लिया गया फैसला अदूरदर्शी और जनविरोधी था। उस समय लोगों को काफी परेशानी हुई। उन्हें लाठियां खानी पड़ीं। नोटबंदी जिन उद्देश्यों के लिए किया गया, वह पूरा नहीं हो सका। न काला धन पकड़ में आया और न आतंकवादियों एवं उग्रवादियों की फंडिंग पर रोक लगी।