पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सुल्तानगंज-अगुवानी महासेतु के सुपर स्ट्रक्चर गिरने की जांच प्रक्रिया से विभाग के प्रधान सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बिल्कुल अलग रखा जाए। प्रधान सचिव लंबे समय से विभाग में जमे हुए हैं।
मोदी ने कहा कि यदि पुल का डिजाइन गलत था, तो उस पर काम करने की स्वीकृति किसने दी। नौ माह पहले भी सुल्तानगंज महासेतु का पाया ढहने की समीक्षा हुई थी, लेकिन पूरे मामले की लीपापोती हो गई। महासेतु का हिस्सा बार-बार ढहने की जांच किसी बाहरी टेक्निकल एक्सपर्ट कमिटी से करानी चाहिए।
मोदी ने कहा कि अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु के शिलान्यास के समय मुख्यमंत्री ही पथ निर्माण विभाग के मंत्री थे और पुल का टेंडर भी उन्हीं के समय हुआ था। मुख्यमंत्री जब लगातार पुल निर्माण की मॉनीटरिंग कर रहे थे, तब आज किससे पूछ रहे हैं कि काम अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ?
