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ग्रीन एनर्जी के उपयोग से बढ़ेगी कार्यकुशलता : शुक्ला

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष डी.के. शुक्ला का कहना है कि कानून के तहत उद्यमियों की सभी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद तत्पर है। उद्योगों की संख्या कम होने के कारण राज्य में होने वाले प्रदूषण में उद्योगों की भूमिका दूसरे राज्यों से काफी कम है। 

बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन परिसर में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले प्रदूषण से भी बिहार का प्रदूषण इंडेक्स बढ़ता है। बिहार की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां धूलकण प्रदूषण अधिक है। 

प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष ने उद्यमियों से अपनी कार्य कुशलता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे उत्पादन लागत और पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा। यदि हम ज्यादा से ज्यादा ग्रीन एनर्जी का उपयोग करें, तो हमारी कार्य कुशलता काफी बढ़ेगी। उन्होंने राज्य में भूजल स्तर में आ रही गिरावट को चिंताजनक बताया और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर बल दिया।

अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि एक माह में उद्योगों को सीटीओ निर्गत करने की कोशिश होगी। कार्यक्रम में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल, उपाध्यक्ष अरबिंद कुमार सिंह, महासचिव गौरव साह, कोषाध्यक्ष मनीष कुमार, पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र पी सिन्हा, पूर्व उपाध्यक्ष जीपी सिंह एवं निशीथ जायसवाल के साथ बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे। 
 


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