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अल्पसंख्यक आयोग गठन में सिखों की अनदेखी से रोष

बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के गठन में सिख समुदाय को जगह नहीं मिली है। इससे सिख समुदाय में आक्रोश है। 25 जुलाई को राज्य अल्पसंख्यक आयोग का पुनर्गठन किया गया है। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सात सदस्य हैं। सदस्य मुकेश जैन को छोड़कर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं छह सदस्य एक ही समुदाय से हैं। इनकी नियुक्ति तीन वर्षों के लिए की गई है।   

तख्त पटना साहिब कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह, महासचिव इंद्रजीत सिंह एवं उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इनका कहना है कि बिहार गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली है और यहां सिख समुदाय की अनदेखी की गई है। ऐसा कर राज्य सरकार किस समुदाय को खुश करना चाहती है। इसके पीछे केवल वोट बैंक की राजनीति है। 

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में जहां सिख समुदाय को अध्यक्ष नियुक्ति किया गया है, वहीं बिहार सरकार सिखों की पूरी तरह से अनदेखी कर रही है। यह सही नहीं है। बिहार सिख गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष सूरज सिंह नलवा, त्रिलोक सिंह निषाद, गुरदयाल सिंह, मनप्रीत सिंह समेत कई सिखों ने भी रोष व्यक्त किया है।


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