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औद्योगिक इकाई के लिए सौर ऊर्जा एक अच्छा विकल्प 

Bihar renewable energy expo 2025 : पारंपरिक ऊर्जा स्रोत से मिलने वाली बिजली के मूल्य में सालाना वृद्धि हो रही है। इससे उत्पादन लागत बढ़ रही है। ऐसी परिस्थिति में औद्योगिक इकाइयों को प्रतिस्पर्द्धा में बने रहने के लिए सौर ऊर्जा एक अच्छा विकल्प है। 

तीन दिवसीय बिहार रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो के दूसरे दिन टेक्निकल सेशन में वक्ताओं ने अपने विचारों को रखा। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली की लागत पांच वर्षों में बिजली बिल की कमी से निकल जाती है। सौर ऊर्जा से सस्ती बिजली के साथ प्रदूषण रहित बिजली मिलती है। 

पीएम सूर्य घर योजना पर चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह योजना 15 फरवरी 2024 को लांच की गई। इसका उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत कोई घरेलू उपभोक्ता अधिकतम 10 किलोवाट तक की सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित कर सकता है, लेकिन अनुदान तीन किलोवाट तक की लागत पर ही मिलेगा।

अधिकतम 78 हजार रुपये अनुदान के रूप में मिल सकता है। एक किलोवाट तक सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट तक 60 हजार रुपये और तीन किलावाट पर अधिकतम 78 हजार रुपये सब्सिडी का प्रावधान है। 

तीन किलोवाट सोलर प्रणाली लगाने पर उपभोक्ता को प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। इस योजना के लिए शर्त है कि आवेदक को भारत का नागरिक होना चाहिए। घर की छत सौर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त हो। साथ ही एक बिजली कनेक्शन भी होना अनिवार्य है। 

तकनीकी सत्र के वक्ता : एसबीआई के डीजीएम दीपक कुमार, सिडबी की डीजीएम रश्मि रंजन, सिडबी के प्रबंधक शाश्वत, सोलर पैनल निर्माता नोवासिस के अध्यक्ष अशोक सिंह, रेजोन सोलर के जीएम अमित, इनवर्टर निर्माता पावर वन माक्रो सिस्टम के शशि मिश्रा। 
 


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