बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) ने उद्योग विभाग के बजट को 0.5 प्रतिशत से बढ़ाकर न्यूनतम 5 प्रतिशत करने की मांग की है। राज्य सरकार के साथ 2026-27 बजट पूर्व संवाद में बीआईए ने कहा कि बिहार को पूर्वी भारत के टेक हब के रूप में विकसित करने, डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर पार्क, फिनटेक सिटी, मेगा फूड पार्क और एमएसएमई पार्क जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट चाहिए।

संघ का मानना है कि बिहार आज अपने आर्थिक विकास की यात्रा के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। देश का तीसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के बावजूद बिहार प्रति व्यक्ति आय, बिजली खपत और शहरीकरण जैसे प्रमुख विकास संकेतकों पर राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है।
वर्ष 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बिहार को भी राष्ट्रीय विकास गति के साथ आगे बढ़ना होगा। इसके लिए राज्य सरकार के बजट 2026-27 में उद्योग केंद्रित नीतियों और निवेश को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

बीआईए ने राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे के समीप औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने, रुग्ण उद्योगों के पुनर्वास, कार्यरत इकाइयों के उत्पादन विस्तार, निजी औद्योगिक पार्कों को बढ़ावा देने और राज्य में 500 एकड़ का फार्मा पार्क स्थापित करने का सुझाव दिया है।
निर्यात-आयात को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, एयर कार्गाे और इनलैंड कंटेनर डिपो का विकास जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण के तहत पीएनजी-सीएनजी उपयोग की बाध्यता को देखते हुए एक देश-एक दर लागू करने की मांग की है।
पटना में स्थायी औद्योगिक प्रदर्शनी स्थल, उद्योगों के लिए भूमि का पृथक वर्गीकरण और पटना पर जनसंख्या का दबाव कम करने के लिए आरआरटीसी (रीजनल रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर) परियोजना पर काम शुरू करने का भी सुझाव दिया है।
बीआईए का मानना है कि इन सुझावों को बजट 2026-27 में शामिल करने से बिहार में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।