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पटना जिला में 'डॉग बाबू' के नाम से बना आवास प्रमाणपत्र रद्द

पटना जिला के मसौढ़ी अंचल में 'डॉग बाबू' के नाम से बने आवास प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया गया है। प्रमाणपत्र में राजस्व अधिकारी मुरारी चौहान का डिजिटल हस्ताक्षर है। इस प्रमाणपत्र में आवेदक के पिता का नाम कुत्ता बाबू, माता का नाम कुटिया देवी, वार्ड 15, मोहल्ला काउलीचक, प्रखंड मसौढ़ी, जिला पटना दर्ज है।    

प्रमाणपत्र 24 जुलाई 2025 को जारी हुआ है। इसमें एक कुत्ते का फोटो है। डॉग बाबू के नाम से बने आवास प्रमाणपत्र के वायरल होने के बाद पटना के डीएम डॉ त्यागराजन ने मसौढ़ी के अनुमंडल पदाधिकारी को जांच का निर्देश दिया। 

प्रारंभिक जांच में यह जानकारी मिली कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने डॉग बाबू के नाम से ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें दिल्ली की एक महिला के दस्तावेज का दुरुपयोग हुआ है। आधार कार्ड में पता दिल्ली और वोटर लिस्ट में नाम पटना के कंकड़बाग क्षेत्र का है। आवेदन में मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी दर्ज नहीं है।  

मसौढ़ी अनुमंडल प्रशासन का कहना है कि अंचल कार्यालय के सही तरीके से ऑनलाइन आवेदन की जांच नहीं करने का नतीजा हमारे सामने है। इसके लिए जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल हो रही है। 

जांच रिपोर्ट के बाद स्थानीय थाने में अज्ञात आवेदक, आईटी सहायक एवं प्रमाणपत्र निर्गत करने वाले राजस्व अधिकारी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन ने राजस्व अधिकारी के निलंबन की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से की है। आईटी सहायक को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है। 

बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फॉर्म के साथ दस्तावेज भी मांगे गए थे। इस कारण आवास प्रमाणपत्र बनाने का काम तेजी से हो रहा था। 

डीएम डॉ त्यागराजन ने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति के पहचान पत्र का दुरुपयोग कर गलत साक्ष्य के आधार पर आवेदन देने वाले पर कठोर कार्रवाई होगी।
 


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