बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के शताब्दी समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। बापू सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट 2004-05 में मात्र 3.54 करोड़ था। यह अब बढ़कर 1080 करोड़ रुपये हो गया है।
अल्पसंख्यक समाज के युवक-युवतियों को रोजगार के लिए कई तरह से मदद दी जा रही है। सभी वर्गों के विकास के लिए काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर कब्रिस्तानों की घेराबंदी हो चुकी है। अब कोई झगड़ा-झंझट नहीं होता है। पहले मदरसों की स्थिति काफी खराब थी। मदरसा शिक्षकों को बहुत कम पैसा मिलता था। सरकारी मान्यता के बाद मदरसा के शिक्षकों को अन्य शिक्षकों के बराबर वेतन मिल रहा है।
तलाकशुदा महिलाओं को रोजगार देने के लिए वर्ष 2007 से 10 हजार रुपये की सहायता दी गयी। इसे अब बढ़ाकर 25 हजार किया गया है। बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए हर तरह से काम हो रहा है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की कई योजनाएं हैं।
समारोह को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान एवं बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सलीम परवेज ने भी संबोधित किया।