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Bihar EV Nirmaan conclave : राज्य में मजबूत इको सिस्टम बनाने पर मंथन

बिहार के इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) निर्माताओं का पहला सम्मेलन दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्य में हुआ। इसमें बिहार में एक मजबूत ईवी निर्माण इको सिस्टम बनाने पर चर्चा हुई। सम्मेलन में इस उद्योग से जुड़े 100 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। 

सभी ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उद्योग जगत ने कहा कि इन प्रयासों से बिहार पूर्वी भारत का अग्रणी ईवी निर्माण केंद्र बनेगा। बिहार ईवी निर्माण कॉन्क्लेव का आयोजन उद्योग विभाग ने डब्ल्यूआरआई इंडिया के सहयोग से किया।  

उद्योग मंत्री नितिश मिश्रा ने कहा कि बिहार दूरदर्शी और उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। नेपाल, पूर्वाेत्तर राज्य और झारखंड की नजदीकी बिहार को क्षेत्रीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए एक द्वार बनाती है। उन्होंने बिहार में ईवी निर्माण के लिए निवेश पर जोर दिया।

उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने बिहार ईवी नीति 2023 की प्रमुख विशेषताओं की चर्चा की।

--  दोपहिया वाहनों पर अधिकतम 20,000 रुपये, तिपहिया पर 30,000, चारपहिया पर 1.5 लाख और इलेक्ट्रिक बसों पर 20 लाख तक सब्सिडी।

--  ईवी चार्जिंग एवं बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, पहले तीन वर्षों तक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों पर 30 प्रतिशत बिजली दर सब्सिडी।

--  मोटर वाहन पंजीकरण शुल्क पर 75 प्रतिशत की छूट, ईवी पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स छूट, वाणिज्यिक ईवी के लिए परमिट शुल्क छूट।

--  निर्माण और उद्योग संबंधी प्रोत्साहन बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (ठप्प्च्च्) 2025 के अंतर्गत उपलब्ध होंगे।


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