बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने आर्थिक सर्वेक्षण (वित्तीय वर्ष 2025-26) पेश किया। आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि बिहार की विकास दर राष्ट्रीय औसत से 3.3 प्रतिशत अधिक है।
वर्तमान मूल्य पर वर्ष 2024-25 के लिए बिहार की विकास दर 13.1 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 9.8 प्रतिशत है। तमिलनाडु के बाद बिहार की विकास दर सबसे अधिक है।

वर्ष 2024-25 के अनुमान में बिहार का जीएसडीपी 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 8.6 प्रतिशत और वर्तमान मूल्य पर 13.1 प्रतिशत रहा। इस दौरान वर्तमान मूल्य पर राज्य की अर्थव्यवस्था बढ़कर 9,91,997 करोड़ रुपये और स्थिर मूल्य पर 5,31,372 करोड़ रुपये पहुंच गई।
प्रति व्यक्ति आय : आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार बिहार की औसत प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये है। प्रति व्यक्ति आय में पटना जिला पहले (1,31,332 रुपये), बेगूसराय दूसरे (61,566 रुपये) और मुंगेर तीसरे स्थान (54,469 रुपये) पर है।
शिवहर प्रति व्यक्ति आय में सबसे पीछे (18,980 रुपये) है। इसके बाद अररिया (19,795 रुपये) और सीतामढ़ी (21,448 रुपये) है।

ग्रॉस स्टेट वैल्यू एडेड (जीएसवीए) में तृतीयक क्षेत्र का 54.8 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 26.8 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र का 18.3 प्रतिशत योगदान है।
राजकीय वित्त व्यवस्था : वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार का कुल व्यय बढ़कर 2.82 लाख करोड़ रुपये हो गया। कुल व्यय में योजना व्यय 1,89,892 करोड़ है। कर राजस्व 2.18 लाख करोड़ पहुंच गया।
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प अगले पांच वर्षों में बिहार को विकसित राज्य बनाना है। संपन्न बिहार, समृद्ध बिहार के लक्ष्य की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। सरकार का विशेष जोर औद्योगीकरण पर होगा।