आरजेडी ने बिहार बजट 2026-27 को कागजी खानापूर्ति बताया है। पार्टी का कहना है कि केवल बजट का आकार बढ़ाया गया है। इसमें संसाधनों के स्रोत और घोषणाओं को लागू करने के लिए ब्लूप्रिंट का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
आरजेडी प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि चुनाव के समय महिलाओं को दो लाख रुपये देने का वादा छल साबित हुआ। आज के बजट में यह स्पष्ट हो गया कि वह अनुदान नहीं बल्कि ऋण था। इसलिए इस योजना के नाम पर कोई आवंटन नहीं किया गया है।
एक करोड़ नौजवानों को नौकरी और रोजगार देने की बात कही गई है, लेकिन बजट में इसका कोई ब्लूप्रिंट नहीं है।