बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार ( BIADA) ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए “बियाडा लैंड अलॉटमेंट एंड मैनेजमेंट पॉलिसी 2026” लागू की है। इसके साथ ही बियाडा भूमि आवंटन नीति 2022 निरस्त हो गई है।
2026 की पॉलिसी के तहत सभी औद्योगिक जमीन एवं शेड का आवंटन ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से होगा। बियाडा पोर्टल पर रिक्त जमीन की जानकारी उपलब्ध है। इससे निवेशकों को पारदर्शी तरीके से आवेदन एवं आवंटन की सुविधा मिलेगी।
औद्योगिक क्षेत्रों के सुव्यवस्थित विकास के लिए भूमि उपयोग की व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत 55-65 प्रतिशत क्षेत्र औद्योगिक प्लॉट , 15-25 प्रतिशत सड़क एवं आवागमन, 10-33 प्रतिशत हरित एवं खुले क्षेत्र, 8 प्रतिशत तक उपयोगिताएं, 5 प्रतिशत तक वाणिज्यिक सुविधाएं और 3 प्रतिशत तक आवासीय एवं सामाजिक अवसंरचना के लिए निर्धारित है।
नई पॉलिसी में उद्योग के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की गई है। माइक्रो यूनिट को 12 माह, स्मॉल यूनिट को 18 माह, मीडियम को 24 और बड़ी यूनिट को 30 माह में उत्पादन शुरू करना होगा। विशेष परिस्थितियों में समय विस्तार का प्रावधान है।
माइक्रो एवं स्मॉल यूनिट के लिए 2 प्रतिशत, मीडियम एवं लार्ज यूनिट के लिए 5 प्रतिशत अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) निर्धारित है। बिहार में पंजीकृत स्टार्टअप्स को EMD में छूट का प्रावधान है।
नई नीति में प्लग एंड प्ले शेड की अवधारणा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। ऐसे शेड का प्रारंभिक आवंटन 5 वर्षों के लिए होगा। इसे अधिकतम 15 वर्षों तक बढ़ाया जाएगा। आवंटन के 90 दिनों में संचालन शुरू करना होगा।
जमीन लीज की अवधि 30 वर्ष, 60 वर्ष एवं 90 वर्ष तक निर्धारित है। निवेश के आकार के अनुसार अग्रिम भुगतान की व्यवस्था की गई है। 50 लाख राशि तक की परियोजनाओं के लिए 40 प्रतिशत, 50 लाख से 2.5 करोड़ तक के निवेश के लिए 35 प्रतिशत, 2.5 करोड़ से 7.5 करोड़ तक के निवेश के लिए 30 प्रतिशत और 7.5 करोड़ से अधिक निवेश वाली परियोजनाओं के लिए 25 प्रतिशत अग्रिम भुगतान निर्धारित है।
शेष राशि अधिकतम 10 किश्तों में जमा करने की सुविधा है। इसकी अवधि परियोजना के आकार के अनुसार 5 वर्ष तक होगी। किश्तों पर 9 प्रतिशत साधारण ब्याज ओर विलंब की स्थिति में 12 प्रतिशत दंडात्मक ब्याज का प्रावधान है।
नई नीति में गैर कार्यशील यूनिट के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। स्वीकृत उत्पादन क्षमता के 50 प्रतिशत से कम उत्पादन करने वाली यूनिट गैर कार्यशील घोषित की जाएगी। भूमि लीज प्रीमियम का 2 प्रतिशत दंडात्मक किराया लगेगा।

उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा के एमडी कुंदन कुमार ने बताया कि बियाडा लैंड अलॉटमेंट एंड मैनेजमेंट पॉलिसी 2026 बिहार में उद्योग स्थापना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं निवेशक अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई नीति के माध्यम से ऑनलाइन आवंटन, ई-नीलामी, प्लग एंड प्ले सुविधाएं, आसान भुगतान व्यवस्था और स्पष्ट समय-सीमा लागू की जा रही है। इससे निवेशकों को उद्योग लगाने में सहूलियत होगी।
उद्योग सचिव ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को आवंटन की स्थिति के आधार पर अनसैचुरेटेट, नॉर्मल एवं सैचुरेटेड श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। वहीं प्राइम लोकेशन वाली जमीन अथवा एक से अधिक आवेदकों वाले प्लॉटों का आवंटन ई-ऑक्शन या ई-बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से होगा।
औद्योगिक इकाइयों के हस्तांतरण, आंशिक हस्तांतरण, उत्पाद परिवर्तन, मर्जर एवं डी मर्जर की प्रक्रियाओं को भी अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है। पहली बार एक सुव्यवस्थित सरेंडर एंड एग्जिट मैकेनिज्म लागू की गई है। इससे निष्क्रिय औद्योगिक जमीन का शीघ्र उपयोग हो सकेगा।