बिहार को AI हब बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। AI (Artificial Intelligence) पॉलिसी की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस काम में युवा पीढ़ी से सुझाव मांगा है।
ऊर्जा स्टेडियम में ‘बिहार एआई समिट 2026’ के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, सभी विभाग एआई का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। पुलिसिंग में भी एआई उपयोगी होगा।
राज्य की पंचायतों में 19 मई से शुरू हुए सहयोग शिविर में तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एआई इसमें काफी मददगार होगा। सहयोग शिविर के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हमारा उद्देश्य है।

लोगों की समस्याओं के आवेदन पर 30वें दिन तक कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी को 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय निलंबित कर देगा। सहयोग पोर्टल में एक ऐसा स्पेस बनाएं, जिसमें बिहार की समृद्धि एवं विकास के लिए लोग अपना सुझाव दे सकें।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से अपने घर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कर्मभूमि से जन्मभूमि वापस लौटकर अपना कर्ज उतारें। कर्मभूमि में रहकर भी बिहार की समृद्धि में अपना योगदान दें। बिहार का नाम रोशन करनेवाले प्रवासियों का हम अभिनंदन करते हैंं। मजदूरी के लिए बाहर गए श्रमिकों के रोजगार के लिए सरकार प्रयत्नशील है।
इंडस्ट्री के विकास के लिए अनकट पावर चाहिए। केंद्र सरकार के सहयोग से 20 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन करना है।
कार्यक्रम को डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव, आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा, आईटी सचिव अभय कुमार सिंह, फाउंडर भारत जीपीटी के अंकुश अग्रवाल और क्यूएलएसएस के निखिल ने भी संबोधित किया।