बोधगया में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में 12 औद्योगिक इकाई और उद्योग विभाग के बीच निवेश के लिए एमओयू हुआ। 12 यूनिट लगभग 4092 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। सभी निवेश गया जिले के डोभी में बन रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) में होगा।
बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) के शुभारंभ और बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 (17-18 फरवरी 2027) के कर्टेन रेजर (curtain raiser) के अवसर पर हुए इन समझौतों से राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

इन कंपनियों ने एमओयू पर किए हस्ताक्षर :
- मिंट लाइफ साइंसेज : निवेश राशि 1500 करोड़ रुपये
- एबीआईएस ग्रुप : 600 करोड़
- बायोहील एनर्जी : 510 करोड़
- जियोफास्ट इंडस्ट्रीज : 500 करोड़
- कुमार ऑर्गेनिक्स : 300 करोड़
- जियाना इंडस्ट्रीज : 206 करोड़
- नालंदा ऑटोमेक : 120 करोड़
- अमरनाथ टेक्सटाइल : 110 करोड़
- भद्रकाली एल्युमिनियम : 95 करोड़
- शिवा एग्रो नेचुरल : 51 करोड़
- वास्तु विहार बायोटेक : 50 करोड़
- कनकलया ज्वेलरी : 50 करोड़
इस मौके पर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता समझौता ज्ञापनों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है ताकि निवेश प्रस्तावों का लाभ औद्योगिक उत्पादन, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के रूप में सामने आए। इसके लिए औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना के विस्तार और निवेशकों के साथ समन्वय पर तेजी से काम हो रहा है।
आज हुए एमओयू में ऊर्जा, टेक्सटाइल, ऑर्गेनिक उत्पाद, ऑटोमोबाइल, एल्युमिनियम, कृषि उत्पाद, बायोटेक्नोलॉजी और अन्य औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निवेश से बिहार में उत्पादन गतिविधियों का विस्तार करने, सहायक उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की संभावनाएं बढ़ेंगी।

डिप्टी सीएम विजय चौधरी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और उद्योग सचिव कुंदन कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस मौके पर लाओस की राजदूत विथाया जायावोंग, रॉयल थाई कॉन्सुल जनरल सिरीपोर्न तांतीपन्याथेप और जापान के डिप्टी कॉन्सुल जनरल आशिदा कात्सुनोरी भी मौजूद रहे।