पटना। केंद्रीय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार (एमएसएमई) गिरिराज सिंह ने सूबे के उद्यमियों से कहा है कि वे समय के साथ बदलती टेक्नोलाॅजी को अपनाएं। इसका लाभ उन्हें मिलेगा। समाज में उद्यमियों की अपनी पहचान है। वे रोजगार सृजन के साथ राजस्व भी देते हैं। गिरिराज सिंह ने उद्यमियों से अपील की कि वे वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अपनी योजना सरकार के समक्ष रखें। रोजगार सृजन के लक्ष्य के साथ अपनी समस्याओं को बताएं। केंद्र सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी। उक्त बातें केंद्रीय मंत्री बिहार उद्योग संघ (बीआईए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कह रहे थे।
बीआईए अध्यक्ष केपीएस केशरी ने संघ की तरफ से कई समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा। गिरिराज सिंह ने सभी पहलुओं पर सकारात्मक पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार परेशानियों से अवगत है। केंद्र व राज्य सरकार तथा सूबे के उद्यमी मिलकर इसका निदान निकालेंगे। उन्होंने बताया कि उद्योग का 80 फीसदी एमएसएमई में आता है। इस कारण इस क्षेत्र के उद्यमी समाज को जो दे रहे हैं, वह सराहनीय है। जीएसटी को लेकर कारोबारियों को जो परेशानी हो रही है। उसके निदान के लिए केंद्र सरकार लगी हुई है। शीघ्र ही इसके सुखद परिणाम आएंगे।
बीआईए अध्यक्ष ने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र के उद्योग के समक्ष पूंजी की उपलब्धता बड़ी समस्या है। उन्होंने सरकार से अधिकतम पांच फीसदी ब्याज पर ऋण देने की मांग की। इसके अलावा अन्य मांगों में जमीन की व्यवस्था, प्रोडक्ट की बिक्री के लिए मार्केटिंग, कलस्टर विकास कार्यक्रम, योजनाओं की माॅनीटरिंग, रुग्ण उद्योगों के पुनर्वास की व्यवस्था, श्रम कानून का सरलीकरण, मुद्रा योजना की सीमा में वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम काउंसिल को सक्रिय करना, कंपनी एक्ट 2013 को व्यावहारिक बनाना व सिडबी को बिहार में सक्रिय करना है। साथ ही बिहार में दो ड्राई पोर्ट, एयर कार्गों काॅम्पलेक्स एवं माटू स्कीम के अंतर्गत पांच जगहों पर मार्केटिंग हब की व्यवस्था भी शामिल है।
मौके पर बीआईए के उपाध्यक्ष संजय भरतिया व आरसी गुप्ता समेत बड़ी तादाद में उद्यमी मौजूद थे।