पटना । कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि नये साॅफ्टवेयर से कृषि यांत्रिकरण योजना और अधिक सशक्त होगी। यंत्रों की खरीद पर अनुदान सीधे बैंक खाते में जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए प्रक्रिया को काफी सरल बनाया गया है। इसके लिए आॅन लाईन आवेदन करना है। उक्त बातें वह बामेती परिसर में आयोजित कृषि यंत्रों के निर्माण व संवर्धन पर आयोजित कार्यशाला में कह रहे थे।
डाॅ प्रेम ने बताया कि छोटे एवं मंझोले किसानों की सुविधा के लिए नये कृषि रोड मैप में विशेष प्रावधान है। ग्रामीण महिलाओं को खेती की ओर आकर्षित करने के लिए भी योजना है। सूबे के कृषि यंत्र निर्माताओं को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा निर्मित उन्नत कृषि यंत्रों के परीक्षण एवं प्रमाणन की व्यवस्था राज्य में ही होगी। उन्होंने यंत्र निर्माताओं से कहा कि वे किसानों को पूरा सहयोग करें। किसानों को नई मशीनों के परिचालन एवं रख-रखाव के लिए प्रशिक्षित करें। इसके लिए वे कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं। उन्होंने यंत्र निर्माताओं से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार सृजन करने की भी अपील की।
कृषि उत्पादन आयुक्त सुनील कुमार सिंह ने कहा कि सरकार अनुदान समय पर उपलब्ध करा देती है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण राशि किसानों के खाते में जाने में देरी होती है। इसके समाधान के लिए कृषि निदेशक की अध्यक्षता में एक कमिटी बनेगी। मौके पर बामेती के निदेशक गणेश राम, अपर निदेशक (कृषि अभियंत्रण)रवीन्द्र कुमार वर्मा, आईडीबीआई बैंक के डीजीएम शिवेश कुमार, राज्य के कृषि यंत्र निर्माता एवं आपूर्तिकर्ता उपस्थित थे।