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जोखिम लेने वाले ही बढ़ते हैं आगे : सुशील मोदी

पटना। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए जोखिम लेना जरूरी है। मन में आए विचार को दबने मत दीजिए। इस पर अमल के लिए प्रयास जारी रखें। तभी आप सफल होंगे। उक्त बातें वह होटल मौर्या में आयोजित बिहार स्टार्टअप काॅनक्लेव 2017 के मौके पर कह रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन बिहार उद्योग संघ (बीआईए) के वेंचर पार्क ने किया था।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप गवर्नेंस के सहयोगी बनें। स्वास्थ्य व कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप की मांग है। डिजिटाइजेशन के कारण कई क्षेत्रों में बिचैलियों का दबदबा समाप्त हो रहा है। देश के एक तिहाई राज्यों में स्टार्टअप पर काम हो रहा है। बिहार भी इसमें अच्छा कर रहा है। उद्योग विभाग ने स्टार्टअप पाॅलिसी 2017 के तहत 3024 आवेदन में 32 की अनुशंसा की है। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि जीएसटी व नोटबंदी का अनुकूल परिणाम एक साल के बाद दिखेगा। शराबबंदी का सुखद नतीजा दिख रहा है। 
उद्योग मंत्री : उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सूबे में युवाओं की लगभग छह करोड़ आबादी है। युवाओं में रिस्क लेने की क्षमता है। वे नये आइडिया का सृजन करें। राज्य की स्टार्टअप पाॅलिसी से उन्हें लाभ होगा। सरकार युवाओं को कई सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में बीआईए का प्रयास सराहनीय है।    
प्रधान सचिव : उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डाॅ एस सिद्धार्थ ने राज्य की स्टार्टअप पाॅलिसी की चर्चा करते हुए बताया कि 2016 में यह शुरू हुआ। कुछ संशोधन के साथ इसे 2017 में नोटिफाई किया गया। विभाग ने 10 अक्टूबर तक आए आवेदन में 32 की अनुशंसा की है। अनुशंसा में एक ट्रांसजेंडर भी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी स्टार्टअप आवेदन को अस्वीकृत नहीं करती है,बल्कि उन्हें अपने बिजनेस माॅडल को और अधिक परिष्कृत करने तथा पुनः आवेदन देने के लिए सुझाव देती है। ऐसे आवेदनों पर नये सिरे से विचार किया जाता है। उन्होंने चिंता जतायी कि बिहार में अच्छे मेंटर की कमी है। बीआईए के मेंबर अपने अनुभव से स्टार्टअप्स को सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने बीआईए वेंचरपार्क की सराहना की। साथ ही कहा कि छठ के बाद स्टार्टअप्स प्रोत्साहन के लिए काॅलेज एवं 12 वीं के छात्रों से संपर्क किया जाएगा। 
बीआईए : बीआईए के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने उद्घाटन सत्र में बताया कि एसोसिएशन के कुछ वरिष्ठ सदस्यों ने उद्यम के क्षेत्र में अपने अनुभव को युुवाओं तक पहुंचाने का काम किया है। 20 महीने में ही बीआईए के इनक्यूबेशन सेंटर ने अच्छा परिणाम दिया है। राज्य सरकार भी अपनी स्टार्टअप नीति के माध्यम से युवाओं को कई सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। बीआईए परिसर में राज्य सरकार ने एक इनक्यूवेटर के रूप में वेंचरपार्क नाम से इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की है। इसके माध्यम से बिजनेस आइडिया को बिजनेस वेंचर में बदलने के उद्देश्य से कई सहायता दी जा रही है। 

मौके पर जीएसटीएन के पूर्व अध्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्य सचिव नवीन कुमार, नैस्काॅम के अध्यक्ष रमन राय, वेंचरपार्क गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष प्रमथ राज सिन्हा व सदस्य सचिव संजय गोयनका, पूर्व अध्यक्ष केपी झुनझुनवाला व राम लाल खेतान, उपाध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता, संजय भरतिया व शिव कुमार मस्करा, महासचिव अरविंद कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष सुबोध गोयल व सचिव अनिल सिन्हा समेत बड़ा संख्या में उद्यमी मौजूद थे।  

बेहतर बिजनेस आइडिया के लिए पुरस्कृत : उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बेहतर बिजनेस प्लान के लिए चार लोगों को पुरस्कृत भी किया गया। एससीएमएस मेटेरियल हाट के चंद्रशेखर को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख की राशि दी गयी। फार्म गाड़ी के निरंजन कुमार एवं अभिषेक रंजनए जिसल सिस्टम के सुमन कुमार झा एवं एंजी लैब्स के अमित कुमार राय को क्रमशः पचीस-पचीस हजार रुपये का सांत्वना पुरस्कार दिया गया। सेंट केरेंस स्कूल के दसवीें के छात्र शाहजेब खान को जख्म को शीघ्र भरने के लिए किए गए प्रयास के लिए सांत्वना पुरस्कार दिया गया। उनके प्रयास को बिजनेस माॅडल में परिवर्तित करने की सलाह दी गयी।
 


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