पटना । सूबे में व्यावसायिक फूलों की खेती की अच्छी संभावनाएं हैं। इससे किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। फूलों में खासकर गुलाब, गेंदा, रजीनगंधा एवं ग्लैडियोलस की व्यावसायिक खेती हो सकती है। बाजार में फूल की काफी मांग है। आज भी अधिकतर फूल दूसरे राज्यों से ही आते हैं।
गेंदा फूल की खेती दोमट, मटियार, बलुई दोमट एवं उचित जल निकास की व्यवस्था वाले भूमि में आसानी से की जा सकती है। इसकी खेती बीज एवं कटिंग दोनों विधि से होती है। गेंदा फूल की रोपाई का मुख्य समय सितंबर से अक्टूबर माह है। सिंचाई की सुविधा एवं सही देख-रेख तथा फूल की माँग को देखते हुए अन्य समय में भी गेंदा की रोपाई हो सकती है। गेंदा फूल की उपज प्रति हेक्टेयर 80 से 100 क्विंटल है।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बताया कि फूल की खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए अनुदान का प्रावधान है। योजनांतर्गत् फूल के क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत् कट फ्लावर (गुलाब), खुले फूल (गेंदा) एवं कंद वाले फूल (ग्लैडियोलस) की खेती अंतर्गत अनुदान दिया जाता है। प्रति कृषक अधिकतम दो हेक्टेयर तक योजना का लाभ ले सकते हैं। कटफ्लावर, कंदवाले फूल एवं खुले फूल का इकाई लागत क्रमशः एक लाख, डेढ़ लाख एवं 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है। लघु एवं सीमांत किसानों को 50 प्रतिशत एवं अन्य किसानों को 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में खुले फूल की खेती का भौतिक लक्ष्य 300 हेक्टेयर एवं कंद फूल का भौतिक लक्ष्य 50 हेक्टेयर है। खेती के इच्छुक किसान जिला सहायक निदेशक उद्यान कार्यालय से संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैैं।