पुणे/एजेंसी । लोनावला की प्रसिद्ध मगनलाल चिक्की के प्रोडक्शन एवं बिक्री पर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने रोक लगा दी है। 11 दिसंबर, 2018 को एफडीए की जांच में स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी समेत कई गड़बड़ी मिली । 100 साल से अधिक पुरानी कंपनी मगनलाल फूड का सालाना टर्न ओवर 100 करोड़ रुपये से अधिक है । इसकी लोकप्रियता इतनी है कि लोनावला से गुजरने वाले यात्री यहां रुक कर चिक्की की खरीददारी करते हैं ।
पुणे एफडीए के ज्वाइंट डायरेक्टर सुरेश देशमुख ने कहा कि मगनलाल फूड प्रोडक्ट के पास लैब नहीं है और न ही प्रोडक्ट को जांच के लिए दूसरे लैब में भेजा जा रहा था । एफडीए के नियमों के अनुसार फूड प्रोडक्ट्स फैक्ट्री चलाने के लिए लैब होना जरूरी है। इससे प्रोडक्ट की जांच समय-समय पर हो सकेगी । अगर कंपनी में लैब नहीं है, तो एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैब से उत्पादों की जांच कराकर रिपोर्ट ले सकते हैं ।
ज्वाइंट डायरेक्टर का कहना है कि फैक्टरी में हाइजिन का ख्याल नहीं रखा गया। इन कारणों से कंपनी के सभी उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दी गई है। जब तक सभी चीजें दुरुस्त नहीं हो जाती हैं, तब तक उत्पादन और बिक्री पर रोक रहेगी । लोनावला की अन्य कंपनियों की भी जांच होगी ।
कंपनी के ऑनर अशोक अग्रवाल का कहना है कि चिक्की की गुणवत्ता सही है। जांच के लिए एनएबीएल से संबद्ध लैब में नमूने भेजे गये हैं। रिपोर्ट आने के बाद इसे एफडीए को भेजी जाएगी । क्वालिटी कंट्रोलर पद पर बहालीे की प्रक्रिया शुरू हो गई है।