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वाई.सी.देवेश्वर नहीं रहे, आईटीसी को पहुंचाई नई ऊंचाईयों पर

नई दिल्ली/11.05.19। आईटीसी के पूर्व चेयरमैन वाई.सी.देवेश्वर का शनिवार की सुबह निधन हो गया। सिगरेट बनाने वाली कंपनी आईटीसी को एफएमसीजी, पेपर, होटल एवं एग्री प्रोडक्ट समेत विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी कंपनी बनाने का श्रेय देवेश्वर (72) को जाता है। 2011 में पद्मभूषण से सम्मानित भी किया गया था। उनके पीछे परिवार में पत्नी, एक पुत्र-पुत्री हैं। 

2017 में उन्होंने कंपनी के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद छोड़ा था। हालांकि, वे अभी भी गैर-कार्यकारी चेयरमैन बने हुए थे। आईटीसी के प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने कहा कि चेयरमैन वाई.सी.देवेश्वर के निधन पर हम गहरा दुख व्यक्त करते हैं।    

देवेश्वर ने आईटीसी को उस शीर्ष पर पहुंचाया कि आज यह साठ लाख से अधिक लोगों के जीवनयापन में सहायक बना हुई है। 1968 में वे आईटीसी से जुड़े और जनवरी, 1996 में कंपनी के मुख्य कार्यकारी एवं चेयरमैन बने। देश की किसी भी कंपनी में सबसे लंबे समय तक कार्यकारी अधिकारी बने रहने वाले उद्योगपतियों में से एक हैं। 

जब उन्होंने आईटीसी का कार्यभार संभाला तब कंपनी का राजस्व 5,200 करोड़ रुपये से कम था और कर पूर्व मुनाफा 452 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2017-18 में कंपनी का राजस्व 44,329.77 करोड़ रुपये एवं शुद्ध मुनाफा 11,223.25 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।    

देवेश्वर ने आईआईटी दिल्ली और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से पढ़ाई की थी। 1991 से 1994 के बीच एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रहे। आरबीआई केंद्रीय बोर्ड के निदेशक, नेशनल फाउंडेशन फॉर कॉरपोरेट गवर्नेंस के सदस्य और नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लायड इकोनॉमिक रिसर्च की संचालन समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।
 


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