नई दिल्ली। वाणिज्य मंत्रालय ने सोने के आभूषणों के लिए बीआईएस हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था के तहत अब ज्वेलरी बिना हाॅलमार्किंग के नहीं बिकेगी।
उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि वाणिज्य विभाग ने एक अक्टूबर को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसे विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को सूचित करने के बाद ही लागू किया जा सकता है। डब्ल्यूटीओ के वैश्विक व्यापार नियमों के अनुसार सदस्य देश को किसी गुणवत्ता नियंत्रण आदेश को अधिसूचित करना होता है। इस प्रक्रिया में लगभग दो महीने का समय लगता है।
हॉलमार्किंग शुद्धता का प्रमाण है। वर्तमान में इसे स्वैच्छिक आधार पर लागू किया गया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तहत भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) हॉलमार्किंग के लिए प्रशासनिक प्राधिकार है। इसने तीन ग्रेड 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट के सोने के लिए हॉलमार्किंग के लिए मानक तय किए हैं।
वर्तमान में देश में लगभग 800 हॉलमार्किंग केंद्र हैं और केवल 40 प्रतिशत आभूषणों की ही हॉलमार्किग की जाती है। भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है और प्रतिवर्ष 700-800 टन सोने का आयात करता है।