पटना। जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत 1359.27 करोड़ रुपये की 32,781 योजनाओं का शिलान्यास एवं 291.27 करोड़ रुपये की 2391 योजनाओं का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। कार्यक्रम का आयोजन ज्ञान भवन में किया गया।
सीएम ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान से पर्यावरण संरक्षित और आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित होगा। अभियान में सबको मिलकर काम करना होगा। बिहार अपने काम से देश में एक उदाहरण पेश करता है। मुझे पूरा भरोसा है कि अभियान की उपलब्धि की चर्चा देश में होगी और इसे केंद्र भी किसी न किसी रूप में अपनायेगा।
उन्होंने कहा कि धरती के किसी भी हिस्से में पर्यावरण से छेड़छाड़ का असर पृथ्वी के दूसरे भागों में दिख रहा है। बिहार में ऐसी कोई गतिविधि नहीं हो रही है जिससे पर्यावरण संकट हो। बावजूद यहां भी जलवायु परिवर्तन का असर दिख रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण माॅनसून अनियमित हो गया है। पूरे विश्व में ग्लोबल वार्मिंग की स्थिति पैदा हो रही है। ग्लेशियर सिकुड़ रहे हैं, रेगिस्तान का फैलाव बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड बंटवारे के बाद बिहार का हरित आवरण क्षेत्र नौ प्रतिशत था। आज यह 15 प्रतिशत है। इसके लिए कई काम किये गये हैं। हमारा लक्ष्य 17 प्रतिशत है। हरियाली मिशन के जरिये 24 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है, जिसमें 19 करोड़ पौधे लगाये गये। जल-जीवन-हरियाली अभियान को मिशन मोड में चलाया जायेगा। संसदीय कार्य मंत्री के नेतृत्व में राज परामर्शदात्री समिति का गठन किया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अभियान के हर काम की मॉनिटरिंग की जा रही है।

कार्यक्रम को डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, मंत्री नंद किशोर यादव, श्रवण कुमार, मुख्य सचिव, दीपक कुमार, प्रधान सचिव केके पाठक एवं सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने भी संबोधित किया।
अभियान से जुडे़ विभाग : लघु जल संसाधन, कृषि, जल संसाधन, पशु एवं मत्स्य संसाधन, ग्रामीण विकास, भवन निर्माण, नगर विकास एवं आवास, पीएचईडी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा विभाग। इन विभागों की प्रदर्शनी को सीएम एवं डिप्टी सीएम ने देखा।
इस अवसर पर मंत्री संजय झा, सांसद रामकृपाल यादव, सीएम के परामर्शी, डीजीपी, विकास आयुक्त एवं सीएम सचिवालय के सभी वरिष्ठ अधिकरी मौजूद थे।