पटना । जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। इस योजना के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक अनुभव का लाभ राज्य के किसानों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चारों कृषि संस्थान के सहयोग से कृषि विभाग ने काफी समय में इस योजना का क्रियान्वयन किया है। बोरलाॅग इंस्टीच्यूट फाॅर साउथ एशिया, डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वी क्षेत्र, पटना इसमें सहयोग कर रहे हैं।
इस योजना में किसान पूरे वर्ष के लिए फसल योजना बनाकर काम करेंगे। जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम की यह योजना आठ जिलों के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत की गयी है। पहले चरण में योजना का कार्यान्वयन भागलपुर, बांका, मधुबनी, खगड़िया, मुंगेर, नवादा, गया एवं नालंदा जिलों में किया जायेगा। बाद में जिलों के अनुभव के आधार पर इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जायेगा। बिल गेट्स ने इसी माह राज्य भ्रमण के दौरान जलवायु परिवर्तन के संबंध में राज्य में कृषि क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की सराहना की है।
डिप्टी सीएम : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का कृषि एवं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सबसे अधिक लघु एवं सीमांत किसान प्रभावित हो रहे हैं। बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति में राज्य सरकार ने विगत तीन वर्षों में 5000 करोड़ से अधिक राशि खर्च की है।
कृषि मंत्री : कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि कृषि विभाग चार कोरिडोर में क्लाईमेट स्मार्ट गांव पर कार्य कर रहा है। साथ ही फसल अवशेष को खेतों में न जलाने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए किसान चौपाल एवं अन्य प्रसार कार्यक्रमों के जरिये किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
कृषि विभाग के सचिव डाॅ एन सरवण कुमार एवं निदेशक आदेश तितरमारे ने भी अपने विचारों को व्यक्त किया।
इस अवसर पर सीएम के सलाहकार, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अरविंद कुमार चौधरी, बीएयू के वीसी अजय कुमार सिंह, बोरलाॅग इंस्टीच्यूट फाॅर साऊथ एशिया (बीसा) के एमडी अरुण कुमार जोशी, डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वीसी आरसी श्रीवास्तव एवं आठ जिलों के वैज्ञानिक समेत बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।