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पटना की वायु गुणवत्ता इस साल बेहतर 

पटना। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पिछले चार वर्षों में इस साल अब तक पटना की वायु गुणवत्ता बेहतर है। 2016 में जहां 40 दिन सीवियर श्रेणी का रहा, वहीं इस साल अब तक मात्र 16 दिन रहा। बहुत खराब श्रेणी में पिछले साल 108 जबकि इस साल अब तक मात्र 42 दिन रहा है। दिन में वायु की गुणवत्ता बेहतर रहती है जबकि ठंड बढ़ने पर रात में स्थिति खराब हो जाती है। 

डिप्टी सीएम होटल लेमन ट्री में बिहार सरकार, आद्री एवं अन्य संस्थाओं की ओर से तैयार एक रिपोर्ट जारी कर रहे थे। इस मौके पर प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, आद्री के प्रभात घोष, बिहार प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष डाॅ अशोक घोष, जय असुंदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

उन्होंने कहा वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए पटना में 15 साल पुराने व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक, जनवरी 2021 से डीजल-पेट्रोल से चलने वाले थ्री व्हीलर पर प्रतिबंध, ई-रिक्शा को बढ़ावा देने के लिए रोड टैक्स में 50 फीसदी की रियायत, प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने, प्रदूषण प्रमाणपत्र के साथ गाड़ियों की जांच, सीएनजी स्टेशन की स्थापना, इलेक्ट्रिक वाहन को प्रोत्साहन एवं वायु माॅनिटरिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने सहित कई कदम उठाये गये हैं। 

पटना और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिबंध के बाद 150 से अधिक 15 साल पुराने वाहनों को जब्त किया गया है। पटना के आस-पास ईंट-भट्ठों पर रोक लगा दी गई है। पटना में वर्तमान में दो सीएनजी स्टेशन चालू हैं जिनकी संख्या मार्च तक बढ़ कर 10 हो जायेगी। 

वायु गुणवत्ता की माॅनिटरिंग के लिए वर्तमान में पटना में एक केंद्र तारामंडल के पास है जबकि अगले एक महीने में पांच और माॅनिटरिंग सेंटर चालू हो जायेंगे। सभी जिलों में एक-एक वायु गुणवत्ता माॅनिटरिंग सेंटर स्थापित किए जायेंगे।

प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ ही उसकी फी कम की जायेगी। पटना में दो मोबाइल प्रदूषण जांच वाहन की सेवा शुरू की गई है। एक अप्रैल, 2020 से बीएस-6 गाड़ियों के आने के बाद वायु प्रदूषण में कमी की संभावना है। 


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