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25 कृषि विज्ञान केंद्रों ने बतायी सात साल की उपलब्धियां 

सबौर (भागलपुर)। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के नियंत्राणधीन 25 कृषि विज्ञान केंद्रों ने 2011-12 से 2018-19 तक किये गये कार्यो को क्यूआरटी टीम (क्विनक्वेनियल रिव्यू टीम) के सदस्यों के सामने पेश किया। किसानों की अपनायी गयी तकनीक को कृषि वैज्ञानिकों ने प्रदर्शित किया। खगड़िया जिले के किसान रामदास साहू को कड़कनाथ कुक्कुट पालन (मुर्गे की एक प्रजाति ) करने पर क्यूआरटी के सदस्यों ने प्रोत्साहित किया।

क्यूआरटी टीम के सदस्यों ने सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता डाॅ आर.के.सामंता ने की। टीम में डाॅ सी. सतपथी, डाॅ वाई वी. सिंह, डाॅ आर. बी. शर्मा, डाॅ एफ. एच. रहमान एवं निदेशक अटारी डाॅ अंजनी कुमार भी उपस्थित थे। 

विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ आर. के. सोहाने ने टीम की मूल्यांकन पद्धति की सराहना की। उन्होंने सभी वैज्ञानिकों से कहा कि किसानों के हित में लगातार काम करते हुए जैविक खेती एवं जलवायु अनूकुल कृषि पद्धति अपनायें। इससे बिहार के किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार होगा।

कृषि विज्ञान केंद्रों ने अपने कार्य-कलाप जैसे फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाईजेशन , किसान क्लब, स्वयं सहायता समूह का निर्माण, स्ट्राॅबेरी एवं ड्रैगन फ्रूट की खेती, उद्यानिक फसल, जैविक खेती, मृदा परीक्षण से खाद्य एवं उर्वरकों का उपयोग, आधुनिक यंत्रों के उपयोग एवं कड़कनाथ कुक्कुट पालन की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में 25 जिलों के प्रगतिशील किसानों ने भी अपनी सहभागिता दी।

 


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