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किसानों ने कृषि मंत्री को बतायी अपनी तकलीफ

सबौर (भागलपुर)/पटना। किसानों की बात कृषि मंत्री के साथ कार्यक्रम में कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से कृषि विज्ञान केंद्र में मौजूद किसानों से बात की। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर के अधीन 15 कृषि विज्ञान केंद्र संचालित हैं। इनमें पटना, नालंदा, भागलपुर, बांका, गया, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मुंगेर, पूर्णिया, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास एवं सहरसा जिलों के किसानों ने समस्याओं सेे कृषि मंत्री को अवगत कराया। 

दो घंटे तक चली काॅन्फ्रेंसिंग में 1200 से अधिक किसानों ने सीधा संवाद किया। डाॅ प्रेम ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही किसानों को फसल अवशेष नहीं जलाने एवं फसल अवशेष प्रबंधन की जानकारी दी। संबंधित मशीनों की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी से किसानों को अवगत कराया। सभी जिलों में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग को बीएयू के मीडिया सेंटर के माध्यम से जोड़ा गया था। इस दौरान बीएयू के वीसी डाॅ अजय कुमार सिंह एवं निदेशक डाॅ आर के सोहाने जुड़े रहे। 

इधर, बीएयू परिसर में विश्व मृदा दिवस का आयोजन 5-6 दिसंबर 2019 को साॅलम उत्सव के रूप में किया गया। कार्यक्रम में भागलपुर के डीएम प्रणव कुमार भी मौजूद थे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था मिट्टी एवं जल संरक्षण तकनीकों का प्रदर्शन।

विधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय के डाॅ पीके पात्रा ने घरेलू कचरे को खाद रूपी धन में परिवर्तित करने पर एक व्याख्यान दिया। टीएम भागलपुर यूनिवर्सिटी के डाॅ सुनील कुमार चौधरी एवं बीएयू के डाॅ बिपिन बिहारी मिश्रा ने किसान, वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। कुलपति डाॅ अजय कुमार सिंह ने मिट्टी एवं जल संरक्षण के लिए विश्वविद्यालय एवं सरकारी विभागों में सामंजस्य एवं भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। प्रो एन चट्टोपाध्याय एवं डाॅ अंशुमान कोहली ने भी अपने विचारों को रखा। 


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