पटना/31.12.19 । माप-तौल उपकरणों की जांच प्रखंड तक इलेक्ट्राॅनिक मशीन से होगी। इससे उपभोक्ताओं को कम वजन मिलने की शिकायत दूर होगी। माप-तौल संभाग की वेबसाइट भी तैयार हो रही है। इसका लाभ व्यापारियों को मिलेगा। साथ ही राजस्व संकलन में निरीक्षक को भी सुविधा होगी। उपकरणों के सत्यापन से वंचित व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का सर्वे शीघ्र शुरू होगा। इसकी शुरुआत पटना जिले से की जा रही है।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने नियंत्रक, माप एवं तौल के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन के मौके पर उक्त जानकारी दी। माप एवं तौल का मुख्यालय राजा बाजार में है। डाॅ प्रेम ने कहा कि माप-तौल संभाग कृषि विभाग का मुख्य अंग है। इस संभाग का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के हित की रक्षा करना है।
तीसरे कृषि रोड मैप में माप-तौल संभाग को भी शामिल किया गया है। राज्य योजना से राज्य मुख्यालय से अनुमंडल स्तर तक कार्यकारी मानक प्रयोगशाला सह कार्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में राज्य योजना से 16.64 करोड़ राशि स्वीकृत की गई है। इससे पहले केंद्र सरकार ने 5.50 राशि उपलब्ध करायी थी। सुविधा के लिए 24 माप-तौल निरीक्षक नियुक्ति किये गये हैं।
इस अवसर पर माप-तौल के नियंत्रक आदित्य नारायण राय, बामेती के निदेशक डाॅ जितेंद्र प्रसाद, निदेशक नंद किशोर, गणेश राम, अशोक प्रसाद, बेंकटेश नारायण सिंह, भवन निर्माण निगम के जीएम रंजीत प्रसाद सिंह समेत विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।