पटना। आम बजट पर बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। चैंबर ने कहा कि इस बार के बजट से काफी अपेक्षाएं थी। ऐसा लग रहा था कि बजट में देश की सुस्त अर्थव्यवस्था में तेजी लाने पर विशेष जोर रहेगा, लेकिन ऐसा कुछ प्रतीत नहीं हुआ। नये आयकर स्लैब अपनाने वालों को कुछ राहत मिलेगी, लेकिन इससे बचत पर प्रभाव पड़ेगा ।
अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि बिहार जैसे पिछड़े राज्यों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा नहीं होने से आम लोग, उद्यमी एवं व्यवसायियों को निराशा मिली। पहले ही भाड़ा समानीकरण नीति एवं खनिज राॅयल्टी से राज्य को काफी नुकसान हुआ है। बिहार को हमेशा बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। बजट में गांव, गरीब एवं किसान पर विशेष फोकस किया गया है। इसका सकारात्मक प्रभाव देश के विकास पर पड़ेगा।
चैंबर ने कई घोषणाओं का स्वागत किया है। इनमें डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स कंपनी के बदले व्यक्तिगत करने, सूक्ष्म इकाईयों के लिए पांच करोड़ तक ऑडिट से छूट, किसानों के लिए 16 सूत्री लाभकारी योजना, निवेश को आसान बनाने के लिए इनवेस्टमेंट क्लीयरेंस सेल की स्थापना, देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों को अपग्रेड करने एवं तेजस जैसी ट्रेनों से जोड़ने, बिजली उपभोक्ताओं को सप्लायर चुनने का अधिकार, टैक्स पेयर की सुविधा के लिए टैक्स पेयर चार्टर का गठन एवं प्रत्यक्ष कर में विवाद से विश्वास योजना एवं बैंक गारंटी की सीमा पांच लाख करना शामिल है।