नई दिल्ली/एजेंसी। ऑनलाइन पोर्टल जेम (गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस) से 40 हजार करोड़ रुपये तक की सरकारी खरीद-फरोख्त की गयी है। वाणिज्य मंत्रालय ने अगस्त 2016 में जेम शुरू किया था। इसका मकसद सरकारी विभाग एवं मंत्रालयों की खरीद के लिए एक खुली और पारदर्शी व्यवस्था बनाना है। अभी इस मंच पर 3.24 लाख से अधिक वेंडर्स पंजीकृत हैं। जानकारी केंद्रीय व्यय सचिव टी. वी. सोमनाथन ने दी। वे वैश्विक खरीद शिखर सम्मेलन 2020 को संबोधित कर रहे थे।
सोमनाथन ने कहा कि सार्वजनिक खरीद व्यवस्था का पूरा जोर पारदर्शिता पर है। इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने हाल ही में साधारण वित्तीय नियम (जीएफआर) और खरीद नियमावली को संशोधित किया है। सार्वजनिक खरीद के लिए आईटी के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि हमारे पास एक केंद्रीय खरीद पोर्टल है। राज्य सरकार की निविदाओं को मिलाकर इस पर वर्तमान में एक लाख टेंडर हैं। इसके अलावा हमारे पास केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल (सीपीपीपी) पर सालाना 18 से 19 लाख करोड़ रुपये की निविदाओं की व्यवस्था है। सीपीपीपी वर्ष 2012 से परिचालन में है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में भी कहा था कि सरकार की योजना जेम पोर्टल का कारोबार बढ़ाकर तीन लाख करोड़ रुपये तक करने की है।