गया/पटना। विश्व दलहन दिवस पर कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि दलहन फसलों के उत्पादन एवं खपत के दृष्टिकोण से बिहार एक प्रमुख राज्य है। देश में दलहन उत्पादन में बिहार का नौवां स्थान है। उत्पादन को और बेहतर करने के लिए कृषि विभाग कई योजनाएं चला रहा है। कृषि मंत्री गया से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बामेती, पटना में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बिहार के टाल क्षेत्रों में दलहन उत्पादन की बड़ी संभावनाएं हैं। खाद्य सुरक्षा के साथ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में दलहन फसलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके मुख्य पोषक तत्व प्रोटीन, विटामिन बी, कार्बोहाइड्रेट एवं खनिज लवण में कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम एवं जिंक हैं।
दाल में घुलनशील एवं अघुलनशील रेशा भी पाया जाता है। घुलनशील रेशा जहां काॅलेस्ट्राॅल एवं ब्लड सुगर के स्तर कोे कम करता है, वहीं अघुलनशील रेशा भोजन को नियमित रूप से पचाने में मदद करता है। दाल के सेवन सेे कई गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, मधुमेह एवं हृदय रोग से निजात मिलती है। दलहन फसलों में सिंचाई की आवश्यकता बहुत कम होती है। स्प्रींकलर से हल्की सिंचाई करने पर उत्पादन काफी बढ़ सकता है। स्प्रींकलर पर 75 प्रतिशत का अनुदान भी सरकार दे रही है।
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक बेंकटेश नारायण सिंह, कृषि महाविद्यालय, पूर्णियां के विभागाध्यक्ष डाॅ एसपी सिन्हा, कृषि अनुसंधान संस्थान, पटना के वैज्ञानिक डाॅ निखत यास्मीन आजमी एवं डाॅ शिवनाथ दास समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।