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किसानों की हरसंभव मदद करेगी सरकार : सीएम  

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है। हमारी कोशिश होगी कि किसानों की अधिक से अधिक सहायता कर सकें। कृषि रोडमैप लागू होने से कृषि उत्पादन बढ़ा है, लेकिन अभी और काम करने की जरूरत है। बिहार के 76 प्रतिशत लोगों की आजीविका का आधार कृषि है। 

मुख्यमंत्री राज्य के किसान एवं कृषि क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में अधिकतर युवा हैं। युवाओं में कृषि के प्रति बढ़ती रुचि एक बड़ी बात है। युवा किसानों से कई महत्वपूर्ण सुझाव जानने का मौका मिला है। कृषि, सहकारिता, पशु-मत्स्य संसाधन, उद्योग एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को किसानों के साथ बैठक कर समस्याओं के निदान का उन्होंने निर्देश दिया। 

सीएम ने कहा कि कृषि रोडमैप में अगर कुछ और योजनाओं को शामिल करने की आवश्यकता होगी, तो किसान हित में किया जाएगा। उन्होंने किशनगंज के एग्रीकल्चर कॉलेज में ड्रैगन फ्रूट एवं अन्य विशिष्ट किस्मों की फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए डायरेक्ट लिंक कराने पर जोर दिया। लेमन ग्रास का उत्पादन बढ़ाने से घोड़परास (नील गाय) की समस्याओं से निजात मिल सकती है। पर्यावरण संरक्षण के लिए किसानों को पराली (फसल अवशेष) जलाने से रोकने के लिये प्रेरित करना होगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का सपना है कि हर हिंदुस्तानी की थाल में एक बिहारी व्यंजन हो। गंगा किनारे 13 जिलों में जैविक खेती शुरू हो गई है। जमुई जिले को भी जैविक खेती से लिंक करने का सुझाव है। जलवायु में परिवर्तन को देखते हुए आठ जिलों में मौसम के अनुकूल फसल चक्र की शुरुआत की गई है, जिसका विस्तार बाद में सभी जिलों में किया जायेगा। 

इन किसानों ने दिये सुझाव : बैठक में  27 किसान प्रतिनिधियों ने अपनी समस्या एवं सुझावों को बताया। किशनगंज के मनीष दफ्तरी ने चाय उत्पादन, पूर्वी चंपारण के दिनेश कुमार मिश्रा ने सुगंधित पौधों एवं फूलों की खेती, जहानाबाद के महेश भगत ने फूलों की खेती, जमुई के राज कुमार ने जैविक खेती, भागलपुर के अशोक कुमार चौधरी एवं मुजफ्फरपुर के सतीश द्विवेदी ने हॉर्टिकल्चर, वैशाली के अनुराग कुमार ने केला उत्पादन, किशनगंज के नागराज ने ड्रैगन फ्रूट, औरंगाबाद के शिकेंद्र कुमार वर्मा ने स्ट्रॉबेरी, मोकामा के ओम प्रकाश सिंह एवं बरबीघा के विनोद कुमार ने दलहन फसल से संबंधित सुझाव दिए। नालंदा के शिवमोहन प्रसाद एवं  भागलपुर के दिवाकर सिंह ने मौसम के अनुकूल खेती के संबंध में अपने विचार रखे।

बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, उद्योग मंत्री श्याम रजक, जल संसाधन मंत्री संजय झा, मुख्य सचिव दीपक कुमार समेत संबंधित विभागों के प्रधान सचिव, सचिव एवं निदेशक मौजूद थे। 
 


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