पटना। राज्य सरकार ने बजट सत्र के पहले दिन 14वां आर्थिक सर्वेक्षण (2019-20) सदन में पेश किया। डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि इस वर्ष दो नये अध्याय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन एवं ई-शासन जोड़े गये हैं। इससे पहले राज्यपाल फागू चौहान ने सदन में अभिभाषण दिया। 25 फरवरी को वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे।
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि बिहार ने सभी क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है। अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर दो अंकों में रही है। 2018-19 में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर स्थिर मूल्य पर 10.53 फीसदी और वर्तमान मूल्य पर 15.01 फीसदी थी। विकास में वायु परिवहन एवं अन्य सेवाओं का अहम योगदान रहा। कृषि एवं वानिकी क्षेत्र रोजगार सृजन में मददगार रहे।
2018-19 में बिहार में राजस्व प्राप्ति 12.2 प्रतिशत जबकि राजस्व व्यय 21.7 फीसदी बढ़ा है। अंडा और मछली के उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। 2018-19 में अंडे का उत्पादन बढ़कर 176.34 करोड़ और मछली का उत्पादन बढ़कर 6.02 लाख टन तक पहुंच गया। इस दौरान राज्य में 11.89 लाख वाहनों का निबंधन हुआ। निबंधन बढ़ने से राजस्व में भी इजाफा हुआ है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर 2020-21 के लिए केंद्रीय राशि में बिहार का हिस्सा वर्तमान 9.67 फीसदी से बढ़कर 10.06 फीसदी हो गया है। 2018-19 में राजकोषीय घाटा एसजीडीपी का 2.68 फीसदी रहा। वर्तमान मूल्य पर बिहार का सकल घरेलू उत्पाद (एसजीडीपी) 5,57,490 करोड़ रुपये और 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 3,94,350 करोड़ रुपये रहा। प्रति व्यक्ति आय वर्तमान मूल्य पर 47,641 रुपये और स्थिर मूल्य पर 33,629 रुपये रहा।