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बजट में शिक्षा एवं ग्रामीण विकास पर सर्वाधिक जोर

पटना। राज्य सरकार ने 2020-21 के बजट में सर्वाधिक जोर शिक्षा एवं ग्रामीण विकास पर दिया है। शिक्षा विभाग का बजट 35,191.05 करोड़ एवं ग्रामीण विकास विभाग का बजट 15955.29 करोड़ रुपये है। कृषि के लिए 3152.81 करोड़, उद्योग के लिए 915.85 करोड़, स्वास्थ्य के लिए 10937.68 करोड़ एवं नगर विकास के लिए 7213.72 राशि आवंटित की गई है।   

डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए सदन में कहा कि 2020-21 का व्यय बजट अनुमान 2,11,761.49 करोड़ रुपये है। यह राशि वित्त वर्ष 2019-20 के बजट से 11,260.48 करोड़ रुपये अधिक है। 2019-20 का बजट अनुमान 2,00,501.01 करोड़ रुपये है। 

राजकोषीय घाटा : 2020-21 में राजकोषीय घाटा 20,374 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह राशि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (एसजीडीपी) 6,85,797 करोड़ रुपये का 2.97 प्रतिशत है। वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार उन राज्यो में है, जिसने राजकोषीय प्रबंधन को गंभीरता से लिया है। बिहार ने एफआरबीएम एक्ट को सही तरीके से लागू किया है। 

राजस्व प्राप्तियां : राज्य को 2020-21 में केंद्र सरकार से 1,43,934.70 करोड़ राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इनमें केंद्रीय करों का हिस्सा 91,180.60 करोड़ एवं सहायता अनुदान 52754.10 करोड़ रुपये है। राज्य का अपना राजस्व 39,989.28 करोड़ है। इनमें विभिन्न करों से प्राप्त राजस्व 34750 करोड़ एवं गैर कर राजस्व 5239.28 करोड़ है। 

कर राजस्व में वाणिज्य कर का योगदान 27050 करोड़, निबंधन एवं स्टांप शुल्क का 4700 करोड़, परिवहन कर का 2500 करोड़ एवं भू राजस्व का योगदान 500 करोड़ रुपये है।              
 


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