नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के दस बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। विलय एक अप्रैल 2020 से प्रभावी होगा।
इन बैंकों का होगा विलय : ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में, सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में और इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय होगा।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विलय का मकसद देश में वैश्विक आकार के बड़े बैंक बनाना है। बैंक विलय का काम पटरी पर है और संबंधित बैंकों के निदेशक मंडल पहले ही निर्णय कर चुके हैं।
2019 में देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हुआ था। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई में उसके पांच सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक का विलय किया गया था। सरकार ने अगस्त 2019 में सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की थी। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या घटकर 12 होगी, जो 2017 में 27 थी।