पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य के किसी कोने से पटना पांच घंटे में पहुंचने के लक्ष्य पर काम हो रहा है। शहर में सुगम ट्रैफिक और आवागमन के लिए एलिवेटेड पुलों का निर्माण किया जा रहा है। बढ़ती आबादी को देखते हुए सड़क निर्माण के साथ चौड़ीकरण एवं कई फ्लाई ओवर का निर्माण कराया जा रहा है। सीएम एक अणे मार्ग में पथ निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि आर ब्लॉक से दीघा के लिए नये पथ का निर्माण कराया जा रहा है। राम मनोहर लोहिया पथ चक्र निर्माण का कॉन्सेप्ट अपने आप में विशिष्ट है। इसका स्ट्रक्चर खास है। यह देश में अपनी तरह का एक विशिष्ट पथ चक्र होगा। इसके निर्माण से ट्रैफिक व्यवस्था और आसान होगी।
गया के विष्णुपद मंदिर से सीता कुंड तक बनने वाले ब्रिज से श्रद्धालु और आम जनता को भी काफी सुविधा होगी। इस ब्रिज पर किसी भी तरह के वाहन के परिचालन पर रोक रहेगी और यह सिर्फ पैदल पथ होगा। निर्माण पर लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत आयेगी।
पटना के अशोक राजपथ पर बनने वाले फ्लाई ओवर से पीएमसीएच, पटना यूनिवर्सिटी के साथ अशोक राजपथ और उससे आगे जाने वाले पूर्वी इलाकों के लोगों को काफी सुविधा होगी। परियोजना की अनुमानित लागत 315 करोड़ रूपये है।
उन्होंने कहा कि पटना में गंगा पर जेपी सेतु के समानांतर पुल से भी लोगों को काफी सहूलियत होगी। बाहर से पटना के पश्चिमी इलाके में जाने जाने वाले लोगों के लिए भी यह पुल सुविधाजनक होगा। बढ़ती भीड़ को देखते हुए चिरैयाटांड़ पुल से कंकड़बाग कॉलोनी के लिए एलिवेटेड पुल का निर्माण भी उपयोगी है।
पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने योजनाओं से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में एम्स-दीघा एलिवेटेड रोड, कच्ची दरगाह विशुनपुर छह लेन पुल, गंगा पथ परियोजना, बख्तियारपुर-ताजपुर पुल, आर ब्लाॅक-दीघा पथ एवं बिहटा-सरमेरा पथ प्रगति की समीक्षा की गई। सभी योजनाओं में अत्याधिक तेजी से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये।
समीक्षा बैठक में पथ निर्माण मंत्री, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, प्रधान सचिव संजय कुमार, एस. सिद्धार्थ एवं चंचल कुमार, सचिव मनीष कुमार वर्मा एवं अनुपम कुमार, राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के एमडी जितेंद्र श्रीवास्तव, सीएम के ओएसडी गोपाल सिंह समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।