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बिहार ने बाहर फंसे लोगों के लिए जारी की सहायता राशि     

पटना। लाॅकडाउन में अन्य राज्यों में फंसे बिहार के 1 लाख 3 हजार 579 लोगों के खाते में 10 करोड़ 35 लाख 79 हजार राशि सोमवार को ट्रांसफर की गई। इस तरह बाहर फंसे अपने राज्य के लोगों की मदद करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन गया है। अब तक राज्य सरकार को 2 लाख 84 हजार 674 आवेदन मिले हैं। आवेदन मिलने का सिलसिला अभी जारी है। 

मुख्यमंत्री राहत कोष से बाहर फंसे प्रत्येक बिहार के लोगों को एक हजार रुपये की दर से सहायता राशि दी जा रही है। राशि का भुगतान बैंक खाते में करने की योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। उन्होंने जांच के बाद अन्य लाभुकों के खाते में भी राशि शीघ्र भेजने का निर्देश दिया। 

मुख्यमंत्री सचिवालय, बिहार भवन के हेल्पलाइन नंबर एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कंट्रोल रूम नंबर पर बाहर फंसे लोगों ने अपनी परेशानी बतायी थी। उन्हें उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से http://aapda.bih.nic.in पर एक लिंक भेजा गया था। इससे बाहर फंसे लोगों की पूरी जानकारी मिली थी। इसके अलावा वेबसाइट से भी एप्प डाउनलोड कर भी काफी लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था।

इन राज्यों से मिले आवेदन :  अब तक 2 लाख 84 हजार 674 आवेदन मिले हैं।  इनमें दिल्ली से 55,264, हरियाणा से 41,050, महाराष्ट्र से 30,576, गुजरात से 25,638, यूपी से 23,832, पंजाब से 15,596, कर्नाटक से 15,428, तमिलनाडु से 11,914, राजस्थान से 11,773, पश्चिम बंगाल से 9527, तेलंगाना से 7245, एमपी से 5690, झारखंड से 5359, आंध्रप्रदेश से 3991, केरल से 3087, असम से 3070, ओडिशा से 2714, उत्तराखंड से 2544, हिमाचल प्रदेश से 2519, छतीसगढ़ से 1956, चंडीगढ़ से 1249, जम्मू-कश्मीर से 885, गोवा से 834, दादर एवं नागर हवेली से 752, दमन एवं दीव से 524, नगालैंड से 381, अरूणाचल प्रदेश से 256, सिक्किम से 254, मेघालय से 230, मणिपुर से 145, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह से 135, त्रिपुरा से 124, मिजोरम से 68, पुड्डुचेरी से 56 एवं लक्षद्वीप से 8 आवेदन हैं।

दिल्ली में दस राहत कैंप : दिल्ली एवं अन्य शहरों में फंसे लोगों की मदद के लिये राहत कैंप चलाये जा रहे हैं। दिल्ली में दस जगहों पर कैंप बनाकर लोगों को भोजन एवं फूड पैकेट उपलब्ध कराये जा रहे हैं। 

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष, डिप्टी सीएम, मुख्य सचिव, सीएम सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आपदा प्रबंधन मंत्री एवं विभाग के प्रधान सचिव वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। 


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