नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 मई, 2020 तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की। इस संबंध में सरकार 15 अप्रैल को विस्तृत गाइड लाइन जारी करेगी। इससे पहले 21 दिनों का लॉकडाउन 14 अप्रैल, 2020 को समाप्त हो रहा है।
देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में सात बातों का पालन करने का आह्वान किया।
1- बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, विशेषकर ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोई पुरानी बीमारी हो।
2- लॉकडाउन और सामाजिक दूरी की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करें, घर में बने फेस कवर और मास्क का अवश्य उपयोग करें।
3- अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय के निर्देश जैसे गर्म पानी एवं काढ़ा का सेवन करें।
4- कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद के लिए ‘आरोग्य सेतु मोबाइल एप’ डाउनलोड करें। दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
5- गरीब परिवारों की देखरेख एवं उनके भोजन की आवश्यकताएं पूरी करें।
6- हर व्यवसाय या उद्योग में काम करने वाले लोगों के प्रति संवेदना रखें। उन्हें नौकरी से न निकालें।
7- देश के कोरोना योद्धाओं डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी एवं पुलिसकर्मियों का पूरा सम्मान करें।
20 अप्रैल से मिल सकती है ढील : प्रधानमंत्री ने कहा कि 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर पुलिस स्टेशन, हर जिले, हर राज्य को परखा जायेगा कि वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है। जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे। जो हॉटस्पॉट की श्रेणी में नहीं होंगे और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी। वहां 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि लॉकडाउन नियम टूटने और कोरोना वायरस के फैलने का खतरा होने पर यह अनुमति तुरंत वापस ले ली जायेगी।
गरीब और दिहाड़ी मजदूरों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए ही कम जोखिम वाले क्षेत्रों में पाबंदियों में ढील दी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व के अन्य कोविड प्रभावित बड़े और सामर्थ्यवान देशों की तुलना में भारत बहुत संभली हुई स्थिति में है। भारत को लॉकडाउन से काफी लाभ हुआ है। आर्थिक संकटों का सामना करने के बावजूद यही सही मार्ग है। इसने देश में अनगिनत लोगों की जान बचाई है।