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ऐसी स्थिति में लाॅकडाउन का मजाक बन जायेगा : सीएम    

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लाॅकडाउन के बावजूद कोचिंग के लिये कोटा (राजस्थान) गये कुछ छात्र बसों से बिहार की सीमा पर लौट आये हैं। उन्हें बॉर्डर पर नहीं रखा गया है। उनका टेस्ट करवा कर उन्हें घर भिजवाने की व्यवस्था की गई है। 

उन्होंने कहा कि अब कोई यह कहे कि कोटा में जो लोग रहे गये हैं, उन्हें बुला लिया जाये। देश के कोने-कोने में जो लोग फंसे हुए हैं। अगर उनकी मांग पर सभी राज्य उन्हें मंगाने लगे, तो लॉकडाउन का मजाक बन जायेगा। सोशल डिस्टेंसिंग ही हम सबको बचा सकता है

सीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोरोना संक्रमण से बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा में सभी विभागों के प्रधान, प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी, डीआईजी, डीएम एवं एसपी जुड़े हुए थे। बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव, डीजीपी एवं सीएम सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री ने सभी आपदा राहत केंद्रों पर ड्राई मिल्क पाउडर उपलब्ध कराने एवं सीमावर्ती राहत केंद्रों पर आने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोरोना प्रभावित चार जिलों में हर परिवार की जांच कराएं। पल्स पोलियो अभियान की तरह एक-एक परिवार को इसमें कवर करें। राशन कार्डधारियों को सड़ा चावल या निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न मिलने पर कड़ी कार्रवाई का भी उन्होंने निर्देश दिया। 


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